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पी के औऱ बच्चे
शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के समान है। अच्छी शिक्षा होगी तो अच्छा संस्कार होगा। अच्छा संस्कार होगा तो अच्छे चरित्र का निर्माण करेगा। जब अच्छा चरित्र होगा तो अच्छे समाज का निर्माण होगा। जब अच्छे समाज का निर्माण होगा तो ,एक अच्छा देश बनेगा। और जब एक अच्छा देश होगा तो सभी खुशहाल रहेंगें।खुशहाल रहना हर व्यक्ति का सपना है। और यह तभी सम्भव है ,जब अच्छी शिक्षा होगी। धन्यवाद पी के विश्वकर्मा लिटिल लोटस सेन्ट्रल स्कूल रुदपुर रोड देवरिया 274001 उत्तर प्रदेश
*" वैदिक नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् 2075 (18 मार्च, 2018)"  की आप सभी को अग्रिम शुभकामनाएँ।* *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व :* *1.* इसी दिन आज से तथा सृष्टि संवत 1,96,08,53,119 वर्ष पुर्व सूर्योदय के साथ ईश्वर ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की। *2.* सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला दिन प्रारंभ होता है। *3.* प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का दिन यही है।   *4.* *143 वर्ष पूर्व स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन को आर्य समाज की स्थापना दिवस के रूप में चुना।*आर्य समाज वेद प्रचार का महान कार्य करने वाला एकमात्र संगठन है। *5.* विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना। *6.* युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ। *वैदिक नववर्ष का प्राकृतिक महत्व :* *1.* वसंत ऋतु का आरंभ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है जो उल्लास, उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंधि से भरी होती है। *2.* फसल पकने का प्रारंभ यानि किसान की मेहनत का...
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चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा नूतन वर्ष की सृष्टि की याद दिलाते हुए बताती है की हमे कुछ अच्छा कुछ नया करना चाहिए। नव वर्ष एवं नव रात्रि कि हर्दिक शुभकामनाएं।
Whether the evil is so effective, the victory is good  power p.k.vishwakarma
Humans are slaves of circumstances. The person who makes the circumstances his slave, the same person is great.