संदेश
2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
नव वर्ष क्यों मनाया जाता है ।
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
वाराणसी. ऐसा माना जाता है कि नव वर्ष आज से लगभग 4,000 वर्ष पहले बेबीलीन नामक स्थान से मनाना शुरू हुआ था। एक जनवरी को मनाया जाने वाला नया वर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है। इसकी शुरुआत रोमन कैलेंडर से हुई। इस पारंपरिक रोमन कैलेंडर का नया वर्ष 1 मार्च से शुरू होता है, लेकिन रोमन के प्रसिद्ध सम्राट जूलियस सीजर ने 46 वर्ष ईसा पूर्व में इस कैलेंडर में परिवर्तन किया था। इसमें उन्होंने जुलाई का महीना और इसके बाद अपने भतीजे के नाम पर अगस्त का महीना जोड़ दिया। दुनियाभर में तब से लेकर आज तक नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में नववर्ष का आरंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी इसलिए इस दिन से नए साल का आरंभ भी होता है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मोहर्रम महीने की पहली तारीख को नया साल हिजरी शुरू होता है। वैसे ही भारत में नया साल सभी स्थानों पर अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाता है। ज्यादातर ये तिथियां मार्च और अप्रैल के महीने में पड़ती हैं। पंजाब में नया साल बैशा...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
मेरे प्रिय विद्यार्थी, कैसे हो तुम? इन औपचारिक शब्दों के साथ तुम्हें पत्र लिखने का साहस कर रहा हूँ। वह भी इसलिए कि साल में एक बार मुझे सम्मानित करने का दुस्साहस करते हुए तुम भी एक औपचारिकता निभा ही लेते हो। हम दोनों एक-दूसरे की पहचान है। हमारा एक-दूसरे के बिना कोई अस्तित्व ही नहीं है। मैं इस बात को अच्छी तरह से जानता हूँ, इसलिए मेरे पूरी कोशिश रहती है कि मैं अपने ज्ञान का एक-एक सुनहरा मोती तुम पर न्योछावर कर दूँ। जिसे स्वीकार कर तुम जगमगा उठो। अपने इस कार्य में मैं पूरी ईमानदारी से जुटा हुआ हूँ। तुम्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने का दायित्व मुझ पर है। बड़े होकर तुम डॉक्टर,इंजीनियर, कलेक्टर, उद्योगपति या कुछ और भी बनो लेकिन समाज के एक सभ्य नागरिक बनो, इसी कोशिश में मैं तुम्हें ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी देता हूँ। न केवल आज, बल्कि सदियों से संस्कारों का उपहार तुम्हें देता चला आ रहा हूँ। मगर आज इन संस्कारों की कोई कीमत नहीं रह गई है और इनके साथ-साथ मेरा मूल्य भी घटता जा रहा है। आज इस बात को महसूस कर रहा हूँ। तभी अपनी व्यथा इस पत्र के माध्यम से तुम तक पहुँचाने का साहस भी कर पा रह...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के समान है। अच्छी शिक्षा होगी तो अच्छा संस्कार होगा। अच्छा संस्कार होगा तो अच्छे चरित्र का निर्माण करेगा। जब अच्छा चरित्र होगा तो अच्छे समाज का निर्माण होगा। जब अच्छे समाज का निर्माण होगा तो ,एक अच्छा देश बनेगा। और जब एक अच्छा देश होगा तो सभी खुशहाल रहेंगें।खुशहाल रहना हर व्यक्ति का सपना है। और यह तभी सम्भव है ,जब अच्छी शिक्षा होगी। धन्यवाद पी के विश्वकर्मा लिटिल लोटस सेन्ट्रल स्कूल रुदपुर रोड देवरिया 274001 उत्तर प्रदेश
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
*" वैदिक नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् 2075 (18 मार्च, 2018)" की आप सभी को अग्रिम शुभकामनाएँ।* *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व :* *1.* इसी दिन आज से तथा सृष्टि संवत 1,96,08,53,119 वर्ष पुर्व सूर्योदय के साथ ईश्वर ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की। *2.* सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला दिन प्रारंभ होता है। *3.* प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का दिन यही है। *4.* *143 वर्ष पूर्व स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन को आर्य समाज की स्थापना दिवस के रूप में चुना।*आर्य समाज वेद प्रचार का महान कार्य करने वाला एकमात्र संगठन है। *5.* विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना। *6.* युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ। *वैदिक नववर्ष का प्राकृतिक महत्व :* *1.* वसंत ऋतु का आरंभ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है जो उल्लास, उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंधि से भरी होती है। *2.* फसल पकने का प्रारंभ यानि किसान की मेहनत का...
Attributes- little lotus central school rudrapur road deoria
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
Good luck in the modern era and good knowledge of the society is important in order to make good marks in society. We do the latest work from the competitive method in children with a strong discipline in the English medium, experienced and qualified teachers, by teaching teachers. We make every effort to remove even smallest weaknesses of children. In order to make our effort successful You expect all the support. Thank you.
Little lotus central school rudrapur road deoria near laxmi narayanmandir in
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
Center for cultural and real education, Little Lotus Central Rudrapur Road, Near Lakshminarayan Temple, Deoria. Course- CBSE English Medium, Attributes- 1. teaching work in children in psychological manner, 2.encouraging children to speak English, 3.encouraging children to speak To make them aware of their future, 4.project arrangements for children's structural and functional development, 5.all children The qualified and experienced teacher for the development of the children. 6.such school fees in which the children of all classes can read, 7.the child is the future of the country, the whole effort of doing this, 8.the education of the children, along with the education of the society and the awareness of the society. Thanks P.k.vishwakarma(principal) little lotus central school rudrapur road near lakshmi narayan mandir Deoria u.p.india Mo.9450678602 Admission open Visit our school please Share please Thanks, very thanks
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
Center for cultural and real education, Little Lotus Central Rudrapur Road, Near Lakshminarayan Temple, Deoria. Course- CBSE English Medium, Attributes- 1. teaching work in children in psychological manner, 2.encouraging children to speak English, 3.encouraging children to speak To make them aware of their future, 4.project arrangements for children's structural and functional development, 5.all children The qualified and experienced teacher for the development of the children. 6.such school fees in which the children of all classes can read, 7.the child is the future of the country, the whole effort of doing this, 8.the education of the children, along with the education of the society and the awareness of the society. Thanks P.k.vishwakarma(principal) little lotus central school rudrapur road near lakshmi narayan mandir Deoria u.p.india Mo.9450678602 Admission open Visit our school please Share please Thanks, very thanks