सत्य में ईश्वर है, विश्वास में प्रेम है पर दोस्ती में सब है-सत्य, ईश्वर,प्रेम और विश्वास,जहाँ ये चारों के चीजें है, वहाँ मित्र रूपी ईश्वर हमेशा आपके साथ है।
P.K. Vishwakarma

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