संदेश

नवंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्वास्थ्य ही धन है( एक लेख)

स्वास्थ्य ही धन है पर एक लेख    स्वास्थ्य, अगर हमारे जीवन का सबसे मूल्यवान समर्थन है, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि 'स्वास्थ्य ही धन है।' यह तथ्य हमें यह बताता है कि किसी भी समझदार और सकारात्मक जीवन के लिए शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का सही स्तर पर रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ रोग-मुक्ति नहीं है, बल्कि यह एक सम्पूर्ण विकास की प्रक्रिया है जो शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक स्वास्थ्य के समान्वय को समझती है। सही आहार, नियमित व्यायाम, और पर्याप्त नींद के माध्यम से ही हम शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें तंत्रिका और आत्मनिर्भर बनाता है। स्ट्रेस, चिंता, और अवसाद से बचने के लिए मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहिए। इसके अलावा, सामाजिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है। अच्छे संबंध, साथी और परिवार का समर्थन, और सामाजिक समृद्धि से जुड़ा होना भी स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहारा प्रदान करता है। इस प्रकार, स्वास्थ्य हमारे जीवन का सबसे मूल्यवान धन है, जिसे हमें सावधानीपूर्वक देखभाल करना चाहिए। सही ज...

व्यक्ति का व्यक्तित्व क्या कहलाता है |

व्यक्ति व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए  व्यक्ति व्यक्तित्व व्यक्ति के स्वभाव, आचरण, और सोच का समूह होता है जो उसे अन्य लोगों के सामने अनूठा बनाता है। एक स्वस्थ और सकारात्मक व्यक्तित्व कई गुणों, धाराओं और गुणधर्मों पर आधारित हो सकता है। यहां कुछ महत्वपूर्ण गुण हैं जो एक सकारात्मक व्यक्तित्व को चित्रित कर सकते हैं:   1. स्वतंत्रता और स्वाधीनता: एक व्यक्ति को अपने विचारों, मूल्यों और निर्णयों के प्रति स्वतंत्र होना चाहिए। वह अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए स्वाधीनता रखना चाहिए।  2. सकारात्मक सोच: सकारात्मक दृष्टिकोण रखना और आपातकाल में भी संजीवनी स्वभाव बनाए रखना व्यक्ति को सहारा प्रदान कर सकता है।   3. संवेदनशीलता और सहानुभूति: व्यक्ति को अन्य लोगों के भावनाओं का समर्थन करने और समझने की क्षमता होनी चाहिए।  4. निष्ठा और संबंध: एक व्यक्ति को अपने उद्देश्यों और मूल्यों के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए। साथ ही, उसे अपने संबंधों को महत्वपूर्ण बनाए रखना चाहिए।   5. सीधापन और ईमानदारी: एक ईमानदार और सीधे व्यक्ति को उच्च मूल्यांकन किया जाता है। वह अपने कार्यों में सच्...

प्रेम क्या है

वैसे तो प्रेम का अर्थ अलग-अलग भावनाओं से अलग-अलग अर्थ हो सकता है हमारे विचार से प्रेम के परिभाषा यह हो सकती है प्रेम, एक गहरा भावनात्मक अनुभव है जो संबंध, स्नेह, और समर्पण की भावना से जुड़ा होता है। यह एक अनूठा अहसास है जो अन्य के प्रति आत्मिक समर्पण को दर्शाता है और जीवन को सुंदर बनाने में मदद करता है।

जीवन: अनमोल रत्न की महकती कहानी

  जीवन: अनमोल रत्न की महकती कहानी मनुष्य का जीवन एक अनमोल रत्न है, जिसे समझना और महत्वपूर्णीयता देना हमारी जिम्मेदारी है। यह अनमोल रत्न हमें नए अवसर प्रदान करता है और हर क्षण को महत्वपूर्ण बनाता है। 1. सीमित समय , अद्वितीय अवसर : जीवन का समय सीमित होता है, लेकिन इसमें हर दिन नए अवसर छुपे होते हैं। हमें इस अनमोल रत्न का सही रूप से समझना और उसका सदुपयोग करना आवश्यक है।   2.सीख , उन्नति और साझागार : जीवन का सफर सीख, उन्नति, और साझागार का है। हमें हर अनुभव से कुछ सीखना चाहिए और अपनी प्रकृति में सुधार करना चाहिए।   3.प्रेम और समर्पण : जीवन को अनमोल बनाने का एक महत्वपूर्ण तत्व है प्रेम और समर्पण। हमें अपने पासविक सम्बन्धों को महत्वपूर्ण बनाए रखना चाहिए और समाज में सहयोग करना चाहिए।   4.धैर्य और सकारात्मकता : जीवन के अद्भुत सफर में, हमें धैर्य बनाए रखना और सकारात्मकता से युक्त रहना चाहिए। कठिनाईयों का सामना करने में हमारी मेहनत और संघर्ष हमें सहारा देते हैं।   5.प्राकृतिक सौंदर्य का मौन साक्षात्कार : जीवन का अनमोल रत्न हमें प...

धर्म जोड़ता है तोड़ता नहीं।

  धर्म और अधर्म धर्म और अधर्म हम संक्षिप्त में समझेंगे धर्म और अधर्म विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। धर्म सामाजिक और आध्यात्मिक आदर्शों का पालन करने को प्रेरित करता है। जबकि अधर्म उन आदर्शों के विरुद्ध होता है। इन अवधारणाओं में धर्म सामाजिक समृद्धि और समरसता का साधन करने का प्रयास करता है, जबकि अधर्म विघ्न डालता है। अब हम यह समझेंगे कि किस प्रकार धर्म जोड़ता है तोड़ता नहीं है धर्म एक ऐसा आदान-प्रदान है जो समाज को एक सजीव और मिलनसर समृद्धि की दिशा में मार्गदर्शन करता है। धर्म ने सदियों से मानवता को संबोधित किया है और सामाजिक आदान-प्रदान को स्थापित करने में मदद की है। यह तोड़ने की बजाय जोड़ने का सिद्धांत अपनाता है। धर्म समाज को एकीकृत बनाए रखने का कारगर और सहारा होता है। यह लोगों को नेतृत्व, सजीव सामरिकता, और समाजसेवा की दिशा में प्रेरित करता है। धर्म का पालन करने से व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करता है और समाज के साथ सजीव संबंध बनाए रखता है। धर्म का सिद्धांत है कि सभी मानव समाज में बराबरी, न्याय, और सहानुभूति के साथ जीवन यापन करें। यह व्य...

चिंता छोड़ो सुख से जियो

 चिंता छोड़ो, सुख से जियो आजकल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में, हम सभी अक्सर चिंतित हो जाते हैं। रोज़मर्रा की चुनौतियों, काम की जोरदार दौड़भाग, और जीवन के अनजाने मोड़ों से हमारी चिंता बढ़ जाती है। हालांकि, इसमें सुख से जीने का रहस्य छुपा होता है। सबसे पहले, हमें यह समझना होता है कि चिंता हमें आगे बढ़ने से रोकती है। जब हम वर्तमान के मौजूदा क्षण का आनंद नहीं लेते, तो भविष्य के बारे में चिंता करना हमें सुख से वंचित कर देता है। सुख से जीने का यह एक और राज है कि हमें अपने आत्मविश्वास को बनाए रखना चाहिए। अगर हम खुद पर विश्वास करते हैं तो हम जीवन की हर मुश्किल को पार कर सकते हैं। अच्छे संबंध बनाए रखना भी एक सुखद जीवन का हिस्सा है। परिवार, दोस्त, और समाज के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना हमें सहारा प्रदान करता है और जीवन को सुंदर बनाए रखता है। इस प्रकार, चिंता को छोड़कर सुख से जीने का मार्ग हमेशा हमारे सामने है, बस हमें इसे धुँआएं और आनंद से हर क्षण का आनंद लें। चिंता को दूर करने के लिए योग और ध्यान भी एक अच्छा तरीका हैं। यह हमें मानसिक शांति और सुकून प्रदान करते हैं जिससे हम सुखपूर्ण जीवन जी सकते...

हमारा मित्र होना चाहिए।

 कहने के लिए तो समाज में हमारे बहुत मित्र होते हैं , परंतु क्या कोई ऐसा भी मित्र होता है जो हमारे साया के जैसे हो हमारा मित्र हमारे साए के जैसे होना चाहिए जैसे की हमारा साया जो हमारे साथ-साथ अंदर बाहर जाता रहता है । जितना  मुझे दिखाई देता है , वह उससे अधिक है । एड़ी से छोटी तक उसकी मुझसे अत्यधिक समानता है ।और मैं देखता हूं कि मेरे बिस्तर पर लेटने से पहले ही वह वहां पहुंच जाता है ।तो हमारा मित्र ऐसा ही होना चाहिए जो विपत्ति काल में या सुख के समय हमारे साया के जैसे  हमेशा हमारे साथ रहे  धन्यवाद पी के विश्वकर्मा देवरिया।

जीवन एक संघर्ष है ।जीवन के अनमोल वचन

 डार्विन ने कहा था जीवन एक संघर्ष है जिस प्रकार के बरसात में जंगल में पास पास एक ही प्रकार के या विभिन्न प्रकार के पौधे एक साथ उगते है। लेकिन उसी में कुछ पौधे बरसात के ज्यादा जल के वजह से सूख जाते हैं कुछ पौधे भोजन न मिलने की वजह से सुख चाहते हैं तथा उसी में कुछ पौधों को जानवर खा जाते हैं, जिससे वह सूख जाते हैं ,लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो संघर्ष करते-करते बहुत ऊपर निकल जाते हैं ।और वही सफल होते हैं । वही एक मजबूत पौधे और एक विशाल वृक्ष का रूप धारण करते हैं । और जब ऐसी स्थिति आती है तो उसे कहते हैं योग्यतम की उत्तरजीविता अर्थात  जीवित होता है जो योग्य होता है। जीवन एक संघर्ष है और इस जीवन में संघर्ष जितना ही कठिन होती है सफलता उतनी ही शानदार होती है। जीवन में जो कुछ हम निर्णय लेते हैं वह सारे निर्णय हमारे नहीं होते उसमें से कुछ निर्णय प्रकृति के होते हैं तो कुछ निर्णय समय के अधीन होता है अतः सभी निर्णय को अपना मान लेना यह उचित नहीं है। दो प्रकार के पहलू होती हैं एक होता है सुख जो सबको दिखता है । और दूसरा होता है दुख जो किसी को नहीं दिखता है जबकि दुख ही हमें जीना सिखाता है औ...

करवा चौथ

करवा चौथ के बारे में करवा चौथ कार्तिक मास के चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। करवा चौथ के दिन माताएं बहने बिना जल तथा अन्य ग्रहण किया उपवास रखती हैं तथा शाम को चंद्रमा का दर्शन करने के बाद ही अपना उपवास तोड़ती हैं मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से पति की आयु लंबी होती है। करवा व्रत रखने से घर परिवार में सुख शांति तथा समृद्धि आती है। पुराणों में एक कथा आती है कि जब दक्ष प्रजापति ने चंद्रमा से नाराज हुए तो उन्होंने चंद्रमा को श्राप दिया कि तुम्हारा क्षय हो जायेगा ।तब चंद्रमा ने भगवान शिव के पास जाकर प्रार्थना किया अपने व्यथा सुनाएं तब भगवान शिव ने कहा कि तुम्हारा क्षय धीरे-धीरे होगा तथा पूर्णिमा को तुम पूर्ण रूप से दिखाई दोगे । इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा की बाकी चतुर्थी को तो नहीं लेकिन यदि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के चतुर्थी के दिन जो भी तुम्हारा दर्शन करेगा उसके घर सुख समृद्धि लौट आएगी तथा जो महिलाएं इसका व्रत करेंगे उनके पति की आयु लंबी होगी। महिलाएं अपने पति को चलनी में क्यों देखती हैं ऐसी मान्यता है कि चंद्रमा को स्पष्ट नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए तथा कार्तिक मास के चतुर्थी के द...